02 November 2021

याद... 2-11-2021

डूब रही  थी सब्र कि कश्ती 
और  सामने  साहिल था
आयेगा  वो बचाने  हमे
वहम ये उतनाही प्यारा  था.....

याद  उनकी  जब भी  आयी
बेकरार  ही कर जाती  है
कभी आँख  मे नमी
कभी लबो पे मुस्कान  भर जाती  है.... 

आज हिचकीयोने हमे
बेहाल सा कर दिया 
शायद उसने  हमे
शिद्दत  से  फिर याद किया..... 
🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁
                      शाही..... ✍️✍️

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